Storms Killed 120 People And Meteorological Department Issues Warning For Superstorms - मौत के अंधड़ में बुझ गई 120 जिंदगियां, मौसम विभाग की चेतावनी- फिर आएगा तूफान - Newsweb 123

Newsweb 123

Comprehensive, up-to-date news coverage, aggregated from sources all over the world by Newsweb123

Breaking

Breaking News

Home Top Ad

Responsive Ads Here

Post Top Ad

Responsive Ads Here

Thursday, 3 May 2018

Storms Killed 120 People And Meteorological Department Issues Warning For Superstorms - मौत के अंधड़ में बुझ गई 120 जिंदगियां, मौसम विभाग की चेतावनी- फिर आएगा तूफान

[ad_1]


ख़बर सुनें



उत्तर प्रदेश, राजस्थान, मध्य प्रदेश और बंगाल में बुधवार रात को आए आंधी-तूफान और बारिश में 120 लोगों की मौत हो गई और सैकड़ों लोग घायल हो गए। पश्चिमी विक्षोभ और चक्रवाती तूफान की वजह से आई इस प्राकृतिक आपदा इनसानों के अलावा पशुओं और फसलों पर भी कहर बनकर टूटी और अपने पीछे तबाही की एक दास्तान छोड़ गई।
 
मौत के अंधड़  के कारण उत्तर प्रदेश में 70, राजस्थान में 37, पश्चिम बंगाल में आठ और मध्य प्रदेश में पांच लोगों की मौत हो गई। उत्तर प्रदेश का सबसे ज्यादा प्रभावित जिला आगरा रहा जबकि राजस्थान के भरतपुर, धौलपुर और अलवर में जान-माल का सबसे ज्यादा नुकसान हुआ।

राजस्थान सरकार ने मृतकों के परिजनों के चार-चार लाख रुपये, 60 फीसदी घायलों को दो-दो लाख रुपये और 40-50 फीसदी घायलों को 60-60 हजार रुपये का मुआवजा देने की घोषणा की है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मारे गए लोगों प्रति गहरी संवेदना व्यक्त करते हुए अधिकारियों को राज्य सरकारों के साथ समन्वय स्थापित कर राहत एवं बचाव कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए हैं। 

कोताही बर्दाश्त नहीं
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे व्यक्तिगत रूप से राहत कार्यों की निगरानी करें और प्रभावित लोगों को चिकित्सा सुविधाएं मुहैया कराएं। इस मामले में किसी भी प्रकार की शिथिलता बर्दाश्त नहीं की जाएगी। 


भारतीय मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि पांच मई को उत्तर प्रदेश के ज्यादातर पूर्वी और पश्चिमी जिलों में बिजली की तेज गर्जन और बौछार के साथ तेज गति की हवाएं चल सकती हैं। वहीं राजस्थान के पश्चिमी हिस्से में सात मई को धूल भरी आंधी और गर्जन की संभावना है।

इसके अलावा मौसम विभाग की मानें तो चार, पांच और छह मई को उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर, हरियाणा, चंडीगढ़, दिल्ली, यूपी, पूर्वी राजस्थान सहित तटीय क्षेत्रों के अलग-अलग हिस्सों में गर्जन के साथ तेज हवाएं चल सकती हैं। 

शनिवार को यूपी के इन जिलों में आ सकती है आंधी

शनिवार को गोरखपुर, बलिया, मऊ, गाजीपुर, अंबेडकरनगर, बस्ती, कुशीनगर, महाराजगंज, संतकबीर नगर, सिद्धार्थनगर, बहराइच, गोंडा, बलरामपुर, सीतापुर, खीरी, शाहजहांपुर, पिलीभीत, रामपुर, बरेली, बदायूं, अलीगढ़, एटा, महामायानगर, मथुरा, गौतम बुद्ध नगर, बुलंदशहर, मुरादाबाद, मुजफ्फरनगर, बिजनौर, बागपत जिलों में तेज गर्जना और आंधी के आसार हैं।

सात राज्यों में आई भयानक आंधी के दो मुख्य कारण हैं। जम्मू एवं कश्मीर में बुधवार को आया नया पश्चिमी विक्षोभ और उत्तरी राजस्थान, हरियाणा एवं पंजाब में बना चक्रवाती हवा का क्षेत्र। यह पश्चिमी विक्षोभ पाकिस्तान की ओर से आया है।

स्काईमेट वेदर के मौसम विज्ञानी महेश पलावत ने यह जानकारी दी है। वैज्ञानिक पलावत के मुताबिक चक्रवाती हवा के क्षेत्र से दो जगहों पर हरियाणा और उत्तरी राजस्थान में गरजने वाले बादल बन गए। 

वहीं चक्रवाती हवा के क्षेत्र वाले इन इलाकों से पूर्व की ओर बिहार तक एक निम्न दबाव की रेखा बन गई। हरियाणा में बने गरजने वाले बादल आगे बढ़े और पूर्वी हरियाणा से लेकर पश्चिमी उत्तर प्रदेश तक जबरदस्त आंधी-बारिश ले आए। उत्तरी राजस्थान के गरजने वाले बादल अलवर आदि शहरों से होते हुए आगरा समेत पूरे मध्य उत्तर प्रदेश में आंधी ले आए। 

100 किलोमीटर की रफ्तार से हवा चली। पेड़ गिरे और भारी तबाही हुई। राजस्थान में तो 140 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवा चलने का दावा किया जा रहा है।
भारतीय मौसम विभाग के अतिरिक्त महानिदेशक मृत्युंजय मोहपात्रा ने बताया कि दूसरे अर्थ में इसे समझें तो उत्तरी भारतीय मैदान में तापमान 40 डिग्री सेल्सियस से अधिक बढ़ रहा है। 

वहीं उत्तरी पाकिस्तान व जम्मू कश्मीर में पश्चिमी विक्षोभ और बंगाल की खाड़ी से आने वाली पूर्वी हवाओं ने वातावरण में नमी पैदा की। पश्चिमी विक्षोभ के कारण ठंडी हवाओं ने गर्म वातावरण को अस्थिर किया। 


राजस्थान भूमध्य रेख के इर्दगिर्द है। इस क्षेत्र में वायु मंडलीय दबाव कम होता है। दबाव सीमा से अधिक पहुंचने पर ठंडी शुष्क हवा जमीन की ओर आती है। वहीं जमीन की हवा ऊपर की ओर उठती है। हवा की रफ्तार ज्यादा होने पर यह आंधी बन जाती है।

निम्न दबाव का क्षेत्र

जिस क्षेत्र में वायु का दबाव आसपास के क्षेत्र से कम हो जाता है, उसे निम्न दबाव का क्षेत्र कहते हैं। इससे बारिश होती है।

पश्चिमी विक्षोभ

भूमध्यसागर से उठी तूफानी हवा को पश्चिमी विक्षोभ कहते हैं। इससे उत्तर पश्चिमी भारत में शीत ऋतु में बर्फबारी होती है। मानसून के इतर गर्मियों और सर्दियों में इससे तेज हवाएं चलती हैं। 



उत्तर प्रदेश, राजस्थान, मध्य प्रदेश और बंगाल में बुधवार रात को आए आंधी-तूफान और बारिश में 120 लोगों की मौत हो गई और सैकड़ों लोग घायल हो गए। पश्चिमी विक्षोभ और चक्रवाती तूफान की वजह से आई इस प्राकृतिक आपदा इनसानों के अलावा पशुओं और फसलों पर भी कहर बनकर टूटी और अपने पीछे तबाही की एक दास्तान छोड़ गई।


 
मौत के अंधड़  के कारण उत्तर प्रदेश में 70, राजस्थान में 37, पश्चिम बंगाल में आठ और मध्य प्रदेश में पांच लोगों की मौत हो गई। उत्तर प्रदेश का सबसे ज्यादा प्रभावित जिला आगरा रहा जबकि राजस्थान के भरतपुर, धौलपुर और अलवर में जान-माल का सबसे ज्यादा नुकसान हुआ।

राजस्थान सरकार ने मृतकों के परिजनों के चार-चार लाख रुपये, 60 फीसदी घायलों को दो-दो लाख रुपये और 40-50 फीसदी घायलों को 60-60 हजार रुपये का मुआवजा देने की घोषणा की है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मारे गए लोगों प्रति गहरी संवेदना व्यक्त करते हुए अधिकारियों को राज्य सरकारों के साथ समन्वय स्थापित कर राहत एवं बचाव कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए हैं। 

कोताही बर्दाश्त नहीं
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे व्यक्तिगत रूप से राहत कार्यों की निगरानी करें और प्रभावित लोगों को चिकित्सा सुविधाएं मुहैया कराएं। इस मामले में किसी भी प्रकार की शिथिलता बर्दाश्त नहीं की जाएगी। 








आगे पढ़ें

फिर आएगा तूफान







[ad_2]

Source link

No comments:

Nasa's Insight Mission Target Mars'quakes' - मंगल के राज खोलने के उद्देश्य से निकला इनसाइट मार्स लैंडर, ये हैं खूबियां..

[ad_1] ख़बर सुनें ख़बर सुनें अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी नासा ने शनिवार को मंगल ग्रह का आंतरिक अध्ययन करने व उस पर आने वाले भूकंप की रिकॉर्डिंग के...

Post Bottom Ad

Responsive Ads Here

Pages